माघ मेला भारत के सबसे पवित्र और प्राचीन धार्मिक मेलों में से एक है।
हर साल लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान, पूजा और दान के लिए एकत्र होते हैं।
माघ मेला 2026 भी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक भव्य संगम होगा।
इस लेख में हम जानेंगे —
👉 माघ मेला 2026 कब है
👉 कहाँ आयोजित होगा
👉 इसका धार्मिक महत्व
👉 स्नान की तिथियाँ
👉 और माघ मेले से जुड़ी जरूरी जानकारी
📍 माघ मेला 2026 कहाँ लगेगा?

माघ मेला 2026 का आयोजन
📌 प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में
📌 त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती) के पावन तट पर किया जाएगा।
📅 माघ मेला 2026 कब से कब तक होगा?
माघ मेला हर साल माघ महीने में लगता है।
🗓️ माघ मेला 2026 की संभावित अवधि
- शुरुआत: माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ होगी।
- समापन: यह पवित्र मेला 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर, अंतिम स्नान के साथ संपन्न होगा।)
👉 मेला लगभग एक महीने तक चलता है।
(नोट: सटीक तिथियाँ पंचांग के अनुसार बदल सकती हैं)
🛕 माघ मेले का धार्मिक महत्व
माघ मेले का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।

- संगम में स्नान करने से पापों से मुक्ति मानी जाती है
- कल्पवास करने से आध्यात्मिक शुद्धि होती है
- दान, जप, तप और पूजा का विशेष फल मिलता है
प्राचीन ग्रंथों में माघ मास को पुण्यदायक महीना कहा गया है।
🌊 माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियाँ

- पौष पूर्णिमा का पावन स्नान – माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 3 जनवरी को पवित्र संगम में स्नान के साथ होगी।
- मकर संक्रांति का महा स्नान – सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर 14 जनवरी को श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे।
- मौनी अमावस्या का विशेष स्नान – अत्यंत पुण्यदायक माने जाने वाला यह स्नान 18 जनवरी को संपन्न होगा।
- वसंत पंचमी का शुभ स्नान – ज्ञान और ऋतु परिवर्तन के इस पावन पर्व पर 23 जनवरी को संगम स्नान का विशेष महत्व है।
- माघी पूर्णिमा का पुण्य स्नान – पूर्णिमा के दिन 1 फरवरी को श्रद्धालु पुण्य लाभ के लिए संगम में स्नान करेंगे।
- महाशिवरात्रि का अंतिम स्नान – भगवान शिव को समर्पित इस महापर्व पर 15 फरवरी को माघ मेले का समापन प्रमुख स्नान के साथ होगा।
इन दिनों संगम स्नान का विशेष धार्मिक महत्व होता है।
🧘 कल्पवास क्या होता है?

कल्पवास माघ मेले की एक प्रमुख परंपरा है।
कल्पवासी:
- संगम तट पर एक माह तक रहते हैं
- सात्विक जीवन जीते हैं
- नियम, संयम और साधना का पालन करते हैं
यह आत्मशुद्धि और तपस्या का मार्ग माना जाता है।
🚩 माघ मेला और कुंभ मेले में अंतर
| माघ मेला | कुंभ मेला |
|---|---|
| हर साल लगता है | 12 साल में |
| क्षेत्र सीमित | बहुत विशाल |
| धार्मिक मेला | अंतरराष्ट्रीय आयोजन |
🧭 माघ मेला 2026 में जाने से पहले ध्यान रखें
- प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें
- स्नान के समय सुरक्षा का ध्यान रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- भीड़भाड़ वाले समय में सावधानी बरतें
📌 निष्कर्ष
माघ मेला 2026 न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है।
यदि आप आस्था, शांति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में हैं, तो माघ मेला अवश्य देखने योग्य है।
🔖 Disclaimer (छोटी लाइन – AdSense safe)
यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है।